‘मैं हूँ कूड़ेदान’पाठ के आधार पर छात्रों द्वारा गतिविधि करवाई गई | छात्रों ने अपने अनुक्रमांक के अनुसार ‘हरा कूड़ेदान’ व ‘नीला कूड़ेदान’ के चित्र बनाए व उनसे सम्बन्धित पंक्तियाँ भी कक्षा में सुनाईं | इस गतिविधि के माध्यम से छात्रों ने यह सीखा कि –‘हरे कूड़ेदान’ में वो कूड़ा डाला जाता है जो नष्ट हो जाता है | जैसे – फल –सब्जियों के छिलके ,कागज़ आदि | ‘नीले कूड़ेदान’ में वो कूड़ा डाला जाता है जो नष्ट नहीं होता | जैसे – लोहा , प्लास्टिक ,काँच आदि | कक्षा में सुनाई गई पंक्तियों के माध्यम से छात्रों ने यह संदेश दिया कि हमें कूड़े को इधर –उधर नहीं फेंकना चाहिए | हमें लोगों को उचित स्थान पर कूड़ा डालने के लिए प्रेरित करना चाहिए | ऐसा करके हम बीमारियों से बच पाएँगे और अपने आस –पास के वातावरण को शुद्ध रखने में भी सहायता मिलेगी |